Adhyaya 60
Patala KhandaAdhyaya 600

Adhyaya 60

Defeat of the Army and the Death of the Commander Kāla-jit

शेष–वात्स्यायन संवाद के अंतर्गत इस अध्याय में बताया गया है कि बालक लव द्वारा अश्वमेध का घोड़ा पकड़े जाने के बाद संघर्ष और तीव्र हो जाता है। पहले हुए भारी नुकसान से चकित शत्रुघ्न की सेना सेनापति कालजित के नेतृत्व में आगे बढ़ती है। कालजित लव के पास कूटनीति और आश्चर्य के साथ पहुँचता है; वह बालक में दिव्यता का संकेत देखकर भी युद्ध से पीछे नहीं हटता। लव वाल्मीकि के स्मरण और जानकी की कृपा से अद्भुत पराक्रम दिखाता है—वह शस्त्र तोड़ देता है, घोड़ों और हाथियों को निष्क्रिय कर देता है और अंततः कालजित का वध कर देता है। सेनाओं में भगदड़ मच जाती है; बचे हुए सैनिक शत्रुघ्न को समाचार देते हैं। शत्रुघ्न क्रोध और अविश्वास से पूछता है कि ‘काल को जीतने वाला’ सेनापति एक बालक से कैसे मारा गया, और आगे की रणनीति का निर्णय करने को उद्यत होता है।

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