
The Examination of Spies (Testing Public Opinion of Rāma)
इस अध्याय में पहले सीता-परित्याग के कारण और आगे चलकर उनके पुत्रों की गति के विषय में प्रश्न उठता है। फिर शेष जी अयोध्या में श्रीराम के धर्ममय शासन का वर्णन करते हैं। सीता के गर्भवती होने का प्रसंग आता है और घर में राम उनके दोहद पूछते हैं; सीता तपस्विनी स्त्रियों के दर्शन और पूजन की इच्छा प्रकट करती हैं। उसी रात राम प्रजा की वास्तविक धारणा जानने के लिए गुप्तचर भेजते हैं। वे अनेक घरों में स्त्री-पुरुषों को राम के देवत्व, पुण्य, और रक्षक-राजा के रूप में प्रशंसा करते सुनते हैं; दूध पिलाने, प्रेम-विनोद, और पासे खेलने जैसे साधारण कर्मों में भी राम-स्मरण जुड़ा दिखता है। परन्तु एक धोबी का कठोर कथन—कि जो पत्नी पराये घर रही हो उसे स्वीकार नहीं करना चाहिए—लोक-चर्चा का कारण बनता है। गुप्तचर राम की आज्ञा से हिंसा नहीं करते और उस दुष्ट वचन को रिपोर्ट न करने का निश्चय करते हैं।
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