Adhyaya 32 — Rules for Parvana Śrāddha: Foods that Please the Ancestors and Items to Avoid
शाकुनं पञ्च वै मासान् षण्मासान् शूकरामिषम् ।
छागलं सप्त वै मासान् ऐणेयं चाष्टमासिकीम् ॥
śākunaṃ pañca vai māsān ṣaṇmāsān śūkarāmiṣam / chāgalaṃ sapta vai māsān aiṇeyaṃ cāṣṭamāsikīm
पक्षियों का मांस पाँच मास तक (पितरों को) तृप्त करता है; वराह का मांस छह मास तक; बकरे का मांस सात मास तक; और कृष्णमृग/हरिण का मांस आठ मास तक पितरों को तृप्त करता है।