Adhyaya 17 — The Birth of Atri’s Three Sons: Soma, Dattatreya, and Durvasa
तस्याभिध्यायतस्तान्तु विकारो योऽन्वजायत ।
तमेवोवाह पवनस्तिरश्चोर्ध्वञ्च वेगवान् ॥
tasyābhidhyāyatastāntu vikāro yo 'nvajāyata |
tamevovāha pavanastiraścordhvañca vegavān ||
उसके ध्यान में स्थित रहते हुए उसी से एक प्रकट रूप-परिवर्तन उत्पन्न हुआ। तब तीव्र वायु उसे पार्श्व और ऊर्ध्व दिशा में ले जाती हुई हर ले गई।