द्रौपद्याः शोकवचनम्
Draupadī’s Lament and Indictment of Misfortune
सैरन्ध्युवाच तस्मिज्जीवति पापिष्ठे सेनावाहे मम द्विषि
sairandhryuvāca tasmiñ jīvati pāpiṣṭhe senāvāhe mama dviṣi
सैरन्ध्री बोली—“जब तक वह परम पापी, सेना का नायक, मेरा शत्रु जीवित है…”
वैशम्पायन उवाच