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Shloka 4

दत्तरक्षाप्रतिसरामन्वालम्भनशो भनाम्‌ । ऊर्मीतरज्जैर्जाह्विव्या: समानीतामुपह्दरम्‌,पिटारीके ऊपर उसकी रक्षाके लिये लता लपेट दी गयी थी और सिन्दूरका लेप लगा होनेसे उसकी बड़ी शोभा हो रही थी। गंगाकी तरंगोंके थपेड़े खाकर वह पिटारी तटके समीप आ लगी

dattarakṣāpratisarām anvālambhanaśobhanām | ūrmītarajjair jāhnavyāḥ samānītām upahradam ||

उस पिटारी पर रक्षा के लिए बन्धन बाँधे गए थे और सिन्दूर-लेप से वह शोभायमान थी। जाह्नवी (गंगा) की तरंगें मानो रस्सियों की भाँति उसे खींचती हुई तट के समीप ले आईं।

दत्तgiven, placed
दत्त:
Karma
TypeAdjective
Rootदा (धातु) → दत्त (कृदन्त, भूतकृत्/क्त)
Formनपुंसक, प्रथमा/द्वितीया, एकवचन
रक्षाprotection, guarding
रक्षा:
Karta
TypeNoun
Rootरक्षा (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन
प्रतिसरम्amulet, protective band
प्रतिसरम्:
Karma
TypeNoun
Rootप्रतिसर (प्रातिपदिक)
Formपुंलिङ्ग, द्वितीया, एकवचन
अन्वालम्भनtying on, fastening around
अन्वालम्भन:
Karma
TypeNoun
Rootअनु-आ-लम्भ् (धातु) → अन्वालम्भन (कृदन्त/भाववाचक)
Formनपुंसक, प्रथमा/द्वितीया, एकवचन
शोभनाम्beautiful, splendid
शोभनाम्:
Karma
TypeAdjective
Rootशोभना (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, द्वितीया, एकवचन
ऊर्मिwaves
ऊर्मि:
Karta
TypeNoun
Rootऊर्मि (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, प्रथमा, बहुवचन
तरज्जैःby the surges/impulses (of waves)
तरज्जैः:
Karana
TypeNoun
Rootतरज्ज (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, तृतीया, बहुवचन
जाह्विव्याःof Jāhnavī (the Ganges)
जाह्विव्याः:
Adhikarana
TypeNoun
Rootजाह्वि (गङ्गा) (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, षष्ठी, एकवचन
समानीताम्brought near, carried (to)
समानीताम्:
Karma
TypeAdjective
Rootसम्-आ-नी (धातु) → समानीत (कृदन्त, क्त)
Formस्त्रीलिङ्ग, द्वितीया, एकवचन
उपह्रदम्to the bank/near the shore (near a pool/river-edge)
उपह्रदम्:
Karma
TypeNoun
Rootउपह्रद (प्रातिपदिक)
Formपुंलिङ्ग, द्वितीया, एकवचन

वैशम्पायन उवाच

V
Vaiśampāyana
J
Jāhnavī (Gaṅgā)
P
pīṭārikā (casket/box)