त॑ देवमब्रवीद् भीता बन्धूनां राजसत्तम । व्रीडाविह्ललया वाचा शापत्रस्ता विशाम्पते
taṁ devam abravīd bhītā bandhūnāṁ rājasattama | vrīḍāvihvalayā vācā śāpatrastā viśāmpate ||
नृपश्रेष्ठ! अपने बन्धुजनों के लिए भयभीत होकर उसने उस देवता से कहा। शाप के आतंक से काँपती हुई वह लज्जा से व्याकुल, लड़खड़ाती वाणी में बोली, हे प्रजापते।
वैशम्पायन उवाच