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Shloka 73

Sarasvatī–Tārkṣya Saṃvāda: Agnihotra-vidhi, Dāna-phala, and Mokṣa-prasaṅga (सरस्वती–तार्क्ष्यसंवादः)

भवन्त्यल्पायुष: पापा रौद्रकर्मफलोदया: । नाथन्त: सर्वकामानां नास्तिका भिन्नचेतस:,इस प्रकार पापकर्मामें प्रवृत्त होनेवाले पापियोंकी आयु उनके कर्मानुसार बहुत कम हो गयी। उनके पापकर्मोंके भयंकर फल प्रकट होने लगे। वे अपनी सभी अभीष्ट वस्तुओंके लिये दूसरोंके सामने हाथ फैलाकर याचना करने लगे। कितने ही नास्तिक और विचलितचित्त हो गये

bhavanty alpāyuṣaḥ pāpā raudrakarmaphalodayāḥ | nāthantaḥ sarvakāmānāṃ nāstikā bhinnacetasaḥ ||

इस प्रकार पापकर्म में प्रवृत्त वे पापी अपने कर्मानुसार अल्पायु हो गए। उनके दुष्कर्मों के भयानक फल प्रकट होने लगे। अपनी समस्त कामनाओं के लिए वे दूसरों के आगे हाथ फैलाकर आश्रय माँगने लगे। बहुत-से नास्तिक हो गए और बहुतों का चित्त विभक्त व विचलित हो गया।

भवन्तिbecome/are
भवन्ति:
TypeVerb
Rootभू
FormLat (Present), 3, Plural, Parasmaipada
अल्पायुषःshort-lived
अल्पायुषः:
Karta
TypeAdjective
Rootअल्पायु (अल्प + आयुस्)
FormMasculine, Nominative, Plural
पापाःsinners/evil persons
पापाः:
Karta
TypeNoun
Rootपाप
FormMasculine, Nominative, Plural
रौद्रकर्मफलोदयाḥwhose dreadful action-fruits have arisen
रौद्रकर्मफलोदयाḥ:
Karta
TypeAdjective
Rootरौद्रकर्मफलोदय (रौद्र + कर्म + फल + उदय)
FormMasculine, Nominative, Plural
नाथन्तःbegging/imploring
नाथन्तः:
Karta
TypeVerb
Rootनाथ (धातु: नाथ्/नाथ् = याच्/आश्रयार्थे)
Formशतृ (Present active participle), Masculine, Nominative, Plural
सर्वकामानाम्of all desired objects
सर्वकामानाम्:
TypeNoun
Rootसर्वकाम (सर्व + काम)
FormMasculine, Genitive, Plural
नास्तिकाःatheists/non-believers
नास्तिकाः:
Karta
TypeNoun
Rootनास्तिक
FormMasculine, Nominative, Plural
भिन्नचेतसःof disturbed/divided mind
भिन्नचेतसः:
Karta
TypeAdjective
Rootभिन्नचेतस् (भिन्न + चेतस्)
FormMasculine, Nominative, Plural

मार्कण्डेय उवाच

M
Mārkaṇḍeya