इन्द्रस्य पाण्डवैः समागमः
Indra’s Meeting with the Pāṇḍavas
कुबेरसदन दृष्ट्वा राक्षसांश्व निपातितान् । भ्राता भ्रातरमासीनमत्रवीत् पृथिवीपति:,राजा युधिष्ठिरने कुबेरका भवन देखकर और मारे गये राक्षसोंकी ओर दृष्टिपात करके अपने पास बैठे हुए भाई भीमसेनसे कहा
Vaiśampāyana uvāca: Kuberasadanaṃ dṛṣṭvā rākṣasāṃś ca nipātitān | bhrātā bhrātaram āsīnam atravīt pṛthivīpatiḥ, rājā Yudhiṣṭhiraḥ ||
कुबेर के भवन को देखकर और मारे गए राक्षसों पर दृष्टि डालकर पृथ्वीपति राजा युधिष्ठिर ने पास बैठे अपने भाई भीमसेन से कहा।
वैशम्पायन उवाच