भीष्मस्य सेनापत्यप्रतिज्ञा तथा रथसंख्यावर्णनम् | Bhishma Accepts Command and Enumerates Kaurava Strength
यस्त्वं वृद्ध सर्वराज्ञां हितबुद्धि जितेन्द्रियम् । मरणाय महाप्रज्ञं दीक्षयित्वा विकत्थसे,“जो समस्त राजाओंमें वृद्ध, सबके प्रति हितबुद्धि रखनेवाले, जितेन्द्रिय तथा महाज्ञानी हैं, उन्हीं पितामहको तू मरणके लिये रणकी दीक्षा दिलाकर अपनी बहादुरीकी बातें करता है
जो समस्त राजाओं में वृद्ध, सबके प्रति हितबुद्धि रखने वाले, जितेन्द्रिय और महाप्रज्ञ हैं—उन्हीं पितामह को तू मरण के लिए रण-दीक्षा दिलाकर अपनी शूरता की डींग हाँकता है।
संजय उवाच