भीष्मस्य सेनापत्यप्रतिज्ञा तथा रथसंख्यावर्णनम् | Bhishma Accepts Command and Enumerates Kaurava Strength
गृध्रोदरे वा वस्तव्यं पुरे वा नागसाह्वये । प्रतिज्ञातं मया तच्च सभामध्ये नराधम,कर्ताह तद् वचः सत्यं सत्येनैव शपामि ते । “नराधम! तुझे या तो मरकर गीधके पेटमें निवास करना चाहिये या हस्तिनापुरमें जाकर छिप जाना चाहिये। मैंने सभामें जो प्रतिज्ञा की है, उसे अवश्य सत्य कर दिखाऊँगा। यह बात मैं सत्यकी ही शपथ खाकर तुझसे कहता हूँ
sañjaya uvāca |
gṛdhrodare vā vastavyaṃ pure vā nāgasāhvaye |
pratijñātaṃ mayā tacca sabhāmadhye narādhama,
kartāha tad vacaḥ satyaṃ satyenaiva śapāmi te |
नराधम! तुझे या तो मरकर गीध के पेट में निवास करना होगा, या नागसाह्वय (हस्तिनापुर) नगर में जाकर छिपना होगा। सभा के बीच मैंने जो प्रतिज्ञा की थी, उसे मैं अवश्य सत्य कर दिखाऊँगा। सत्य की ही शपथ लेकर मैं तुझसे कहता हूँ—मैं उन वचनों को पूरा करूँगा।
संजय उवाच