Udyoga-parva Adhyāya 123 — Bhīṣma–Droṇa–Vidura Upadeśa to Duryodhana
Keśava-vākya aftermath
गान्धार्याश्व हृषीकेश विदुरस्थ च धीमत: । अन््येषां चैव सुद्ददां भीष्मादीनां हितैषिणाम्
हे हृषीकेश! वह गान्धारी, बुद्धिमान विदुर तथा हित चाहने वाले भीष्म आदि अन्य सुहृदों की बात भी नहीं सुनता।
वैशम्पायन उवाच