स्त्रीपर्व — अध्याय १५: गान्धारी-युधिष्ठिर-संवादः
Gandhārī’s Confrontation and Consolation of Yudhiṣṭhira
वैशम्पायन उवाच एवमुक््त्वा तु गान्धारी युधिष्ठिरमपृच्छत । क्व स राजेति सक्रोधा पुत्रपौत्रवधार्दिता,वैशम्पायनजी कहते हैं--राजन्! भीमसेनसे ऐसा कहकर अपने पुत्रों और पौजत्रोंके वधसे पीड़ित हुई गान्धारीने कुपित होकर पूछा--“कहाँ है वह राजा युधिष्ठटिर?”
वैशम्पायन बोले—राजन्! भीमसेन से ऐसा कहकर, पुत्र-पौत्रों के वध से पीड़ित और क्रोध से भरी गांधारी ने युधिष्ठिर से पूछा—“वह राजा युधिष्ठिर कहाँ है?”
वैशम्पायन उवाच