Daṇḍanīti and the King as the Cause of Yuga-Order (दण्डनीतिः राजधर्मश्च युगकारणत्वम्)
चत्वरेष्वथ तीर्थेषु सभास्वावसथेषु च । यथार्थवर्ण प्रणिधिं कुर्यात् सर्वस्य पार्थिव:
राजा को चाहिए कि वह चौराहों पर, तीर्थों में, सभाओं में और धर्मशालाओं में प्रजा की मनोवृत्ति जानने हेतु शुद्ध वर्ण वाले पुरुष को गुप्तचर नियुक्त करे।
भीष्म उवाच