Bhīṣma’s Śara-śayyā Stuti to Vāsudeva and Yogic Preparation for Dehotsarga
Body-Relinquishment
देवा देवर्षयश्नैव यं विदुः परमव्ययम् । नारायणसे ही ऋषिगण, सिद्ध, बड़े-बड़े नाग, देवता तथा देवर्षि भी उन्हें अविनाशी परमात्माके रूपमें जानने लगे हैं
devā devarṣayaś caiva yaṁ viduḥ paramāvyayam | nārāyaṇaṁ hi ṛṣigaṇāḥ siddhā mahānāgāś ca devāś ca devarṣayaś ca tam avyayaṁ paramātmānaṁ manyante |
भीष्म बोले— देवता और देवर्षि उन्हें परम अविनाशी तत्त्व के रूप में जानते हैं। वास्तव में ऋषिगण, सिद्ध, बड़े-बड़े नाग, देवता तथा देवर्षि—सब नारायण को ही अव्यय परमात्मा मानने लगे हैं।
भीष्म उवाच