शान्ति पर्व (अध्याय 38): युधिष्ठिरस्य राजधर्म-जिज्ञासा तथा भीष्मोपसर्पण-प्रस्तावना | Shanti Parva Chapter 38: Yudhishthira’s Inquiry into Rajadharma and the Prelude to Approaching Bhishma
सुमनोमोदके रल्नैर्हिरण्येन च भूरिणा । गोभिव्ंस्त्रिश्ष राजेन्द्र विविधैशज्ष किमिच्छकै:
राजेन्द्र! उन्होंने पुष्प, मिष्ठान्न, रत्न, बहुत-सा सुवर्ण, गौएँ, वस्त्र तथा इच्छा पूछ-पूछकर मँगाए गए नाना प्रकार के मनोवाञ्छित पदार्थों से उन सबका यथोचित सत्कार किया।
वैशम्पायन उवाच