Āścarya-kathana: Brāhmaṇa–Nāga Dialogue on Sūrya (Vivasvat) and the ‘Second Sun’ Phenomenon
बालखिल्यानृषीन् सर्वान् धर्ममेतदपाठयत् | अन्तर्दधे ततो भूयस्तस्य देवस्य मायया
रुद्र ने समस्त बालखिल्य ऋषियों को इस धर्म का पाठ कराया; फिर उस देव (विष्णु) की माया से वह धर्म पुनः अंतर्धान हो गया।
वैशम्पायन उवाच