Puruṣaikatva-vyākhyāna: The One Virāṭ Puruṣa and the Many ‘Puruṣas’
Rudra–Brahmā Saṃvāda
विनतानन्दन गरुड सहसा राजाको वहाँसे ऊपर उठाकर तुरंत आकाशमें ले उड़े और वहीं इन्हें छोड़ दिया ।।
विनता-नन्दन गरुड़ ने सहसा राजा को वहाँ से उठाकर तुरंत आकाश में ले उड़ाया और वहीं उन्हें छोड़ दिया। उसी क्षण राजा वसु फिर ‘उपरिचर’ हो गए; और वह नृपश्रेष्ठ सशरीर ब्रह्मलोक को चले गए।
भीष्म उवाच