देवतापितृप्रश्नः — Nārada at Badarīāśrama: the ultimate referent of daiva and pitṛ worship
महापदानि कत्थसे न चाप्यवेक्षसे परम् । चिरस्य मृत्युकारिकामनागतां न बुध्यसे
तुम ब्रह्मलोक आदि बड़े-बड़े पदों की डींग हाँकते हो, पर परमपद की ओर तुम्हारी दृष्टि नहीं जाती। और जो बहुत समय बाद मृत्यु की परिचारिका—वृद्धावस्था—आने वाली है, उसे भी तुम समझते नहीं।
व्यास उवाच