अव्यक्त–पुरुष–विवेकः (Discrimination of Avyakta/Prakṛti and Puruṣa) — Yājñavalkya’s Anvīkṣikī to Viśvāvasu
तदेतच्छोतुमिच्छामि नानात्वैकत्वदर्शनम् । बुद्ध चाप्रतिबुद्धं च बुध्यमानं च तत्त्वतः
इसलिए मैं इस नानात्व और एकत्व-रूप दर्शन को फिर से सुनना चाहता हूँ। बुद्ध (ज्ञानवान) क्या है, अप्रतिबुद्ध (अज्ञान) क्या है, और बुध्यमान (ज्ञेय) क्या है—यह सब तत्त्वतः ठीक-ठीक बताइए।
जनक उवाच