Adhyātma–Adhibhūta–Adhidaivata Correspondences and the Triguṇa Lakṣaṇas (Śānti-parva 301)
छिन्दन्ति क्षमया क्रोध॑ कामं संकल्पवर्जनात् । सत्त्वसंसेवनाज्निद्रामप्रमादाद् भयं तथा
सत्पुरुष क्षमा से क्रोध को, संकल्प के त्याग से काम को, सत्त्वगुण के सेवन से निद्रा को और प्रमाद के त्याग से भय को काट देते हैं।
भीष्म उवाच