Śoka-śamana: Kṛṣṇa’s Consolation and Nārada’s Exempla to Sṛñjaya
Chapter 29
अन्वाहार्योपकरणं द्रव्योपकरणं च यत्
बुद्धिमान् राजा रन्तिदेव के उस यज्ञ में अन्वाहार्य अग्नि में आहुति देने के उपकरण और द्रव्य-संग्रह के घड़े-पात्र आदि—ऐसा कोई भी साधन न था जो स्वर्ण का न हो।
वायुदेव उवाच