वृत्ति-सत्सङ्ग-दान-धर्म
Livelihood, Virtuous Association, and Ethics of Giving
विष्णुभक्त्या हि तेनेदं जगद् व्याप्तमभूत् तदा । तस्माच्च निहतो युद्धे विष्णो: स्थानमवाप्तवान्
भगवान् विष्णु की भक्ति के प्रभाव से उसने अपनी विशाल काया द्वारा उस समय इस समस्त जगत् को व्याप्त कर लिया था। इसलिए युद्ध में मारे जाने पर उसने विष्णुधाम प्राप्त किया।
भीष्म उवाच