Adhyāya 262: Śabda-brahman, Para-brahman, and the Ethics of Tyāga
Kapila–Syūmaraśmi Saṃvāda
जो लोग कामनाके वशीभूत होकर यज्ञ करते
जो लोग कामना के वशीभूत होकर यज्ञ करते, तालाब खुदवाते या बगीचे लगवाते हैं, उन सकाम-भावयुक्त असाधु पुरुषों से उन्हीं के समान गुणहीन संतान उत्पन्न होती है। लोभी से लोभी जन्म लेता है और समदर्शी से समदर्शी। यजमान और ऋत्विज जैसे होते हैं, उनकी प्रजा भी वैसी ही होती है।
चुलाधार उवाच