Adhyātma-krama: Indriya–Manas–Buddhi–Ātman Hierarchy and Citta-Prasāda (आध्यात्मक्रमः)
तपोधर्मेण संयुक्तस्तपोनित्य: सुसंशित: । तेन सर्वानिवाप्रोति कामान् यान् मनसेच्छति
जो मनुष्य तपस्यारूप धर्म से संयुक्त होकर, पूर्ण संयम का पालन करता हुआ, सदा तप में तत्पर रहता है—वह उसी के द्वारा मन से जिन-जिन कामनाओं को चाहता है, उन सबको प्राप्त कर लेता है।
व्यास उवाच