Adhyātma-krama: Indriya–Manas–Buddhi–Ātman Hierarchy and Citta-Prasāda (आध्यात्मक्रमः)
तपसा तदवाप्रोति यद् भूत्वा सृजते जगत् । तद् भूतश्न॒ ततः सर्वभूतानां भवति प्रभु:
तपस्या से मनुष्य उस ब्रह्मभाव को प्राप्त कर लेता है, जिसमें स्थित होकर वह जगत् की सृष्टि करता है। अतः ब्रह्मभाव को प्राप्त व्यक्ति समस्त प्राणियों का प्रभु हो जाता है।
व्यास उवाच