Yoga-kṛtya (योककृत्य) — Vyāsa on Sense-Restraint, Obstacles, and Brahman-Realization
दधाति प्रभवे स्थानं भूतानां संयमो यम: । स्वभावेनैव वर्तन्ते द्वन्द्ययुक्तानि भूरिश:
व्यास ने कहा—काल ही समस्त प्राणियों को संयम और नियम में रखने वाला यम है; वही उनकी उत्पत्ति के लिए आधार-स्थान धारण करता है। और प्राणी अपने स्वभाव से ही द्वन्द्वों से युक्त होकर बहुत प्रकार से प्रवृत्त होते हैं।
व्यास उवाच