कालनिर्णयः, युगधर्मवर्णनम्, सृष्टिक्रमश्च
Time-Reckoning, Yuga-Dharma, and the Sequence of Creation
भूतानां तु विपर्यासं कुरुते भगवानिति । न होतावद् भवेद् गम्यं न यस्मात् प्रभवेत् पुन:
भगवान् काल ही समस्त प्राणियों की अवस्थाओं में उलट-फेर कर देते हैं। उनके इस माहात्म्य को कोई यथार्थतः समझ नहीं पाता। काल की महिमा से पराजित होकर मनुष्य कुछ भी करने में समर्थ नहीं होता।
श॒क्र उवाच