कालनिर्णयः, युगधर्मवर्णनम्, सृष्टिक्रमश्च
Time-Reckoning, Yuga-Dharma, and the Sequence of Creation
बलिरवाच अनित्यमुपलक्ष्येह कालपर्यायधर्मत: । तस्माच्छक्र न शोचामि सर्व होवेदमन्तवत्
बलि ने कहा—हे शक्र! कालचक्र के स्वभाव से यहाँ सब कुछ परिवर्तनशील है; इसलिए मैं इसे अनित्य जानकर शोक नहीं करता, क्योंकि यह समस्त जगत् अंतवान् (विनाशशील) है।
श॒क्र उवाच