Śānti-parva 206: Guṇa-hetu Moha, Kāma-krodha Chain, Indriya-utpatti, and Nirodha
ज्ञानानां च फलानां च ज्ञेयानां कर्मणां तथा । क्षयान्ते यत् फल विद्याउज्ञानं ज्ञेयप्रतिष्ठितम्
भीष्म ने कहा—ज्ञान, फल, ज्ञेय और कर्म—इन सबका क्षय हो जाने पर जो प्राप्तव्य फलरूप से शेष रह जाता है, उसे तुम ज्ञेयमात्र में व्याप्त होकर स्थित ज्ञानस्वरूप परमात्मा समझो।
भीष्म उवाच