मनु-उपदेशः — भूत-उत्पत्ति, इन्द्रिय-निवृत्ति, तथा पर-स्वभाव-विवेकः
Manu’s Instruction on Elemental Origination, Sense-Withdrawal, and Discrimination of the Supreme Nature
त्वचा स्पर्शयते स्पर्श बुद्धिर्विक्रियतेड्सकृत् । येन प्रार्थयते किज्चित् तदा भवति तनमन:
त्वचा के द्वारा (बुद्धि) स्पर्श को जानती है; और इस प्रकार वह बार-बार विकार को प्राप्त होती है। जिस करण के द्वारा वह किसी वस्तु का अनुभव करना चाहती है, तब मन उसी का रूप धारण कर लेता है।
भीष्म उवाच