Adhyāya 159 — Dāna–Dakṣiṇā, Āpaddharma Measures, and Prāyaścitta Classifications
भीष्म उवाच पापस्य यदधिष्ठानं तच्छृणुष्व नराधिप । एको लोभो महाग्राहो लोभात् पापं प्रवर्तते
भीष्म ने कहा— नरेश्वर! पाप का जो अधिष्ठान है, उसे सुनो। एकमात्र लोभ ही महाग्राह के समान है; लोभ से ही पाप प्रवृत्त होता है।
भीष्म उवाच