Dasyu-maryādā and Buddhi-guided Rāja-nīti (दस्युमर्यादा तथा बुद्धिप्रधान-राजनीति)
जो अभयदान देकर प्रजाका धर्मपूर्वक पालन करते हुए स्वयं ही अपनी प्रतिज्ञाको सत्य प्रमाणित कर देता है, वह राजा सबको सुख देनेवाला समझा जाता है ।।
yo 'bhayadānaṃ dattvā prajāṃ dharmapūrvakaṃ pālayan svayam eva svapratijñāṃ satyāṃ pramāṇayati, sa rājā sarvasukhapradaḥ saṃmataḥ. mātā pitā gurugoptā vahnivaiśravaṇo yamaḥ; sapta rājño guṇān etān manur āha prajāpatiḥ.
जो राजा अभयदान देकर धर्मपूर्वक प्रजा का पालन करता है और अपने आचरण से अपनी प्रतिज्ञा को सत्य प्रमाणित कर देता है, वह सबको सुख देनेवाला माना जाता है। प्रजापति मनु ने राजा के ये सात गुण बताए हैं और उसी के अनुसार उसे माता, पिता, गुरु, रक्षक, अग्नि, कुबेर (वैश्रवण) और यम की उपमा दी है।
ब्रह्मदत्त उवाच