आपद्धर्मनिर्णयः — विश्वामित्र-श्वपचसंवादः
Apaddharma Determination: Dialogue of Viśvāmitra and the Śvapaca
तस्मिन् काले प्रमुक्तस्त्वं तरुमेवाधिरो क्ष्यसे । न हि ते जीवितादन्यत् किंचित् कृत्यं भविष्यति
भीष्म बोले—“उस समय छूटते ही तुम किसी पेड़ पर ही चढ़ जाओगे। अपने प्राणों की रक्षा के सिवा तुम्हें और कोई कार्य आवश्यक नहीं लगेगा।”
भीष्म उवाच