आपद्धर्मनिर्णयः — विश्वामित्र-श्वपचसंवादः
Apaddharma Determination: Dialogue of Viśvāmitra and the Śvapaca
आपदो नोपपद्चन्ते पुरुषाणां स्वदोषजा: । 'जो आत्मरक्षामें तत्पर हैं और भलीभाँति परीक्षापूर्वक निर्णय करके काम करते हैं, ऐसे पुरुषोंको अपने ही दोषसे उत्पन्न होनेवाली आपत्तियाँ नहीं प्राप्त होती हैं ।।
जो आत्म-रक्षा में तत्पर रहते हैं और भली-भाँति परीक्षा करके निर्णयपूर्वक कार्य करते हैं, ऐसे पुरुषों को अपने ही दोष से उत्पन्न होने वाली आपत्तियाँ नहीं आतीं। जो दुर्बल होते हुए भी बलवानों को शत्रु रूप में सम्यक् पहचान लेते हैं।
भीष्म उवाच