आपद्धर्मनिर्णयः — विश्वामित्र-श्वपचसंवादः
Apaddharma Determination: Dialogue of Viśvāmitra and the Śvapaca
ततश्रिच्छेद तं पाशं मार्जारस्थ च मूषिक:
तदनन्तर चूहे ने उस बन्धन को काट दिया। जाल से छूटते ही बिलाव उसी वृक्ष पर चढ़ गया। उस घोर शत्रु और भारी घबराहट से मुक्त होकर पलित अपने बिल में घुस गया और लोमश वृक्ष की शाखा पर जा बैठा।
भीष्म उवाच