Kāpavya-carita (कापव्यचरित) — Reforming Dasyus through Regulated Rāja-Dharma
आर्षमप्यत्र पश्यन्ति विकर्मस्थस्य पातनम् | न तादृक्सदृशं किज्चित् प्रमाणं दृश्यते क्वचित्
यहाँ वे शास्त्र-विपरीत कर्म में लगे हुए व्यक्ति के पतन के विषय में आर्ष-प्रमाण भी देखते हैं। ऋषियों के वचनों के समान वैसा दूसरा कोई प्रमाण कहीं नहीं दिखाई देता।
भीष्म उवाच