Kośa, Bala, and Maryādā: Treasury, Capacity, and Enforceable Limits (कोश-बल-मर्यादा)
न शंखलिखितां वृत्ति शक््यमास्थाय जीवितुम् । विशेषत: कुरुश्रेष्ठ प्रजापालनमीप्सया
कुरुश्रेष्ठ! कोई भी केवल ललाट-लिखित भाग्य के भरोसे जीवन-निर्वाह नहीं कर सकता; विशेषतः जो राजा प्रजापालन की इच्छा रखता हो, उसके लिए तो भाग्य के सहारे चलना सर्वथा असंभव है।
भीष्म उवाच