त्रिवर्गमूलनिश्चयः — Determining the Roots of Dharma, Artha, and Kāma
Mahābhārata, Śānti-parva 123
ब्राह्मणेभ्यश्न राजन्या लोकान् रक्षन्ति धर्मत: । स्थावरं जड़म॑ चैव क्षत्रिये भ्य: सनातनम्
फिर ब्राह्मणों से दण्ड-धारण का अधिकार पाकर क्षत्रिय धर्मानुसार समस्त लोकों की रक्षा करते हैं। स्थावर-जङ्गम यह सनातन जगत् क्षत्रियों के द्वारा ही सुरक्षित रहता है।
वसुहरोम उवाच