मयूरवद्राजधर्मः (Mayūra-vat Rāja-dharma) — The Peacock-Model of Protective Kingship
कोष्ठागारं च ते नित्य॑ं स्फीतैर्धान्यि:सुसंवृतम् । सदास्तु सत्सु संन्यस्तं धनधान्यपरो भव
भीष्म बोले—युधिष्ठिर! तुम्हारा अन्न-भण्डार सदा पुष्टिकारक धान्यों से भरा और भली-भाँति सुरक्षित रहे। उसकी रक्षा का भार श्रेष्ठ पुरुषों को सौंपो। तुम सदा धन-धान्य की वृद्धि में तत्पर रहो।
भीष्म उवाच