Adhyāya 118: Saciva-parīkṣā
Testing and Appointment of Ministers/Servants
प्रभिन्नकरट: प्रांशु: पद्मी विततकुम्भक: । सुविषाणो महाकायो मेघगम्भीरनि:स्वन:
वह प्रभिन्न-करट, ऊँचा, विस्तृत कुम्भस्थल वाला, पद्म-चिह्नयुक्त, सुन्दर दन्तों वाला, महाकाय हाथी मेघ के समान गम्भीर गर्जना कर रहा था।
भीष्म उवाच