ऋषय ऊचु: पुरा किल कुरुं राम कर्षन्तं सततोत्थितम् | अभ्येत्य शक्रस्त्रिदिवात् पर्यपूच्छत कारणम्,ऋषि बोले--राम! सुना जाता है कि पूर्वकालमें सदा प्रत्येक शुभ कार्यके लिये उद्यत रहनेवाले कुरु जब इस क्षेत्रको जोत रहे थे, उस समय इन्द्रने स्वर्गसे आकर इसका कारण पूछा
ऋषियों ने कहा—राम! सुना जाता है कि पूर्वकाल में सदा प्रत्येक शुभ कार्य के लिए उद्यत रहने वाले कुरु जब इस क्षेत्र को जोत रहे थे, तब इन्द्र स्वर्ग से आकर इसका कारण पूछने लगे।
राम उवाच