Vṛddha-kanyā-carita and Balarāma’s Kurukṣetra Inquiry (वृद्धकन्या-चरितम् / कुरुक्षेत्रफल-प्रश्नः)
शक्र: प्रहरणान्वेषी लोकांस्त्रीन् विचचार ह । इसी समय देवताओं और दानवोंमें विरोध होने-पर इन्द्र अस्त्र-शस्त्रोंकी खोजके लिये तीनों लोकोंमें विचरण करने लगे
śakraḥ praharaṇānveṣī lokāṁs trīn vicacāra ha |
वैशम्पायन बोले—देवताओं और दानवों में विरोध उत्पन्न होने पर, अस्त्र-शस्त्रों की खोज में लगे इन्द्र (शक्र) तीनों लोकों में विचरण करने लगे।
वैशम्पायन उवाच