मौसलपर्व — अध्याय ८
Arjuna’s evacuation of Dvārakā, Vasudeva’s rites, and the caravan’s crisis
कृत्वा भारावतरणं पृथिव्या: पृुथुलोचन:
kṛtvā bhārāvataraṇaṃ pṛthivyāḥ pṛthulocanaḥ
पृथ्वी का भार उतारकर, वह विशाल-नेत्र प्रभु (अपना प्रयोजन सिद्ध कर) आगे की कथा में निवृत्ति और उपसंहार की ओर प्रवृत्त होते हैं।
व्यास उवाच