कर्णेन युधिष्ठिरानीकविदारणम् / Karṇa’s Breach of Yudhiṣṭhira’s Battle-Line
स्थाणुरुवाच वध्यास्ते सर्वतः पापा ये युष्मास्वपराधिन: । मम तेजोबलार्धेन सर्वान् निध्नत शात्रवान्
भगवान् शिव बोले—देवगण! जो पापी तुम लोगों के अपराधी हैं, वे सब प्रकार से वध के ही योग्य हैं। मेरे तेज और बल के आधे भाग से युक्त होकर तुम सब शत्रुओं का संहार कर डालो।
दुर्योधन उवाच