अभिमन्यु-परिवेष्टनम्
Encirclement and Counterassault of Abhimanyu
यथासुरबल घोरें त्रयम्बकेण महौजसा । जैसे महान् तेजस्वी त्रिनेत्रधारी भगवान् रुद्रने असुरोंकी सेनाको मथ डाला था, उसी प्रकार अभिमन्युने रथ, हाथी और घोड़े--इन तीन अंगोंसे युक्त आपकी विशाल सेनाको रौंद डाला || ४० $ || कृत्वा कर्म रणे5सहां परैरार्जुनिराहवे
संजय बोले—जैसे महौजस्वी त्र्यम्बक (रुद्र) ने घोर संग्राम में असुर-सेना को मथ डाला था, वैसे ही अर्जुनपुत्र अभिमन्यु ने रण में शत्रुओं के लिए असह्य कर्म करके रथ-हाथी-घोड़े से युक्त आपकी सेना को रौंद डाला।
संजय उवाच