Droṇa Encircled at Night: Coalition Advance and Battlefield Omens (द्रोणपर्यावरणं रात्रियुद्धवर्णनम्)
अन्यं तु रथमास्थाय द्रोण: प्रहरतां वर: । व्यूहद्वारं समासाद्य युद्धाय समुपस्थित:,उस समय उस श्रेष्ठ महारथी वीरको आपके पुत्रोंने पुन- आकर चारों ओरसे घेर लिया। योद्धाओंमें श्रेष्ठ द्रोणाचार्य दूसरे रथपर बैठकर व्यूहके द्वारपर आ पहुँचे और युद्धके लिये उद्यत हो गये
तब प्रहार करने वालों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य दूसरे रथ पर आरूढ़ होकर व्यूह के द्वार पर पहुँचे और युद्ध के लिए तत्पर हो गए।
संजय उवाच