Droṇa-parva Adhyāya 109 — Karṇa–Bhīma Yuddha and Durmukha’s Fall (कर्णभीमयुद्धम्; दुर्मुखवधः)
ततो5परेण भल्लेन पीतेन निशितेन च । जहार नृपते: कायाच्छिरो ज्वलितकुण्डलम्,इसके बाद दूसरे पानीदार तीखे भल्लसे राजा क्षेमधूर्तिके प्रज्वलित कुण्डलोंवाले मस्तकको धड़से अलग कर दिया
tato 'pareṇa bhallena pītena niśitena ca | jahāra nṛpateḥ kāyāc chiro jvalita-kuṇḍalam ||
संजय बोले—तत्पश्चात उसने दूसरे चमकते, तीखे भल्ल से राजा का ज्वलित कुण्डलों से सुशोभित मस्तक धड़ से अलग कर दिया।
संजय उवाच