Droṇa-parva Adhyāya 109 — Karṇa–Bhīma Yuddha and Durmukha’s Fall (कर्णभीमयुद्धम्; दुर्मुखवधः)
तस्मिन् विनिहते वीरे त्रैगर्तानां महारथे । बल॑ ते5भज्यत विभो पाण्डवेयै: समन्ततः,प्रभो! त्रिगर्तदेशके उस महारथी वीरके मारे जानेपर पाण्डव-सैनिकोंने चारों ओरसे आपकी सेनाको विघटित कर दिया
tasmin vinihate vīre traigartānāṁ mahārathe | balaṁ te 'bhajyata vibho pāṇḍaveyaiḥ samantataḥ prabho ||
त्रिगर्तों के उस महारथी वीर के मारे जाने पर, हे प्रभो, पाण्डव-सैनिकों ने चारों ओर से आक्रमण करके आपकी सेना की व्यूह-रचना को तोड़-फोड़ कर बिखेर दिया।
संजय उवाच