भीष्मपर्व — अध्याय ९६: सौभद्रस्य आक्रमणम्, अलम्बुसस्य प्रतिविधानम्
Abhimanyu’s assault; Alambusa’s counter-engagement
जैसे शरदऋतुमें बादल पर्वतके शिखरपर जलकी धाराएँ गिराते हैं, उसी प्रकार उन सब कौरव वीरोंने चारों ओरसे घटोत्कचपर बाणोंकी वर्षा प्रारम्भ कर दी ।।
उन बाणों से गहरे-गहरे बेधा जाकर वह अंकुश से आहत हाथी की भाँति व्याकुल हो उठा और तब गरुड़ के समान सब ओर से आकाश में उछल पड़ा।
संजय उवाच